शिक्षक

मातायें देती नवजीवन,
पिता सुरक्षा करते हैं।
लेकिन सच्ची मानवता,
शिक्षक जीवन में भरते हैं।

सत्य न्याय के पथ पर चलना,
शिक्षक हमें बताते हैं।
जीवन संघर्षों से लड़ना,
शिक्षक हमें सिखाते हैं।

ज्ञान दीपकी ज्योति जलाकर,
मन आलोकित करते हैं।
विद्या का धन देकर शिक्षक,
जीवन सुख से भरते हैं।

शिक्षक ईश्वर से बढ़कर हैं,
यह कबीर बतलाते हैं।
क्योंकि शिक्षक ही भक्तों को,
ईश्वर तक पहुंचाते हैं।

जीवन में कुछ पाना है तो,
शिक्षक का सम्मान करो।
शीश झुका कर श्रद्धा से तुम,
बच्चों उन्हें प्रणाम करो।

Rohan Agrawal, Hindi poem, 11 to 13 years
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