पहली उड़ान

पहली उड़ान

  • January 1, 2019

हिरण्मई और भानुप्रिया अपनी ज़िंदगी की पहली उड़ान पर थीं! उन्होने हवाई जहाज के बारे में सीखा।  हिरण्मई और भानुप्रिया दो बहनें थी। वो दोनों गाज़ियाबाद में रहती थीं, अपने नाना-नानी और मम्मी के साथ। वो आज बहुत खुश थीं,…

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हिन्दी की दीवार

हिन्दी की दीवार

  • May 1, 2018

भाषाएँ लोगों को एक दूसरे से बात करने में मदद करती हैं। लेकिन हिरण्मई ने सीखा कि हिन्दी की दीवार भी बन सकती है। First published in March 2016 हिरण्मई और भानुप्रिया को आइज़ौल में बहुत मज़ा आ रहा था।…

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मेरठ के पन्ने

मेरठ के पन्ने

  • November 1, 2016

हिरण्मई और भानुप्रिया अब मेरठ में थे। छुट्टियों का पहला भाग उन्होनें अपने नाना-नानी के घर में बिताया था। उसके बाद वो मेरठ आ गए थे अपने दादा-दादी के पास। मेरठ में उनकी बुआ और चाचा और उनके परिवार भी…

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गाज़ियाबाद के पन्ने

गाज़ियाबाद के पन्ने

  • October 1, 2016

हिरण्मई और भानुप्रिया कुछ दिनों के लिए अपने नाना-नानी के पास गाज़ियाबाद आई हुई थीं। गाज़ियाबाद में उन्होने कई छुट्टियाँ बिताई थीं, इसलिए उनके बहुत सारे दोस्त थे। इसके बाद वो मेरठ अपने दादा-दादी के पास जाने वाले थे। सुबह…

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भूरी आँखों वाला लड़का

भूरी आँखों वाला लड़का

  • September 1, 2016

चतुर चार एक बार फिर से साथ थे। शुक्रवार को स्कूल के बाद ही दुर्गा और नवीन साथ आ गए थे। उन चारों ने खूब मस्ती करी। हिरण्मई और भानुप्रिया के घर के सामने एक बालू का टीला था। उन्होंने…

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चश्मा

चश्मा

  • August 1, 2016

हिरण्मई को सर में दर्द हो रहा था। सुबह से कक्षा में बैठे-बैठे उसका सर चकरा रहा था। बोर्ड पर लिखा हुआ अब उसे धुंधला नज़र आ रहा था। उसे बार-बार दुर्गा की किताब से काम उतारना पड़ रहा था।…

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डॉल बर्थडे पार्टी

डॉल बर्थडे पार्टी

  • July 1, 2016

चतुर चार की गर्मी की छुट्टियां ख़त्म होने को आयीं थी। कुछ दिन में दुर्गा और नवीन वापस अपने घर जा रहे थे। पिछले कुछ दिनों में इन्होने खूब मस्ती की थी। 'गोरामी की मौत' केस सुलझाने पर उन्हें अपने मम्मी-पापा से बड़ी…

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चतुर चार

चतुर चार

  • June 1, 2016

गर्मी की छुट्टीयाँ चल रहीं थीं। हिरण्मई को किताबें पढ़ने का बड़ा शौक था। इन दिनों वो एक अँग्रेजी किताब पढ़ रही थी जिसका नाम था ‘सीक्रट सेवेन’, यानी रहस्मयी सात। इसे ‘एनिड ब्लाईटन’ ने लिखा था और यह सात…

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खुशियों के बीज

खुशियों के बीज

  • May 1, 2016

भानुप्रिया की जब सुबह आँखें खुली तो उसे याद आया कि आज छुट्टी का पहला दिन है। लम्बे-लम्बे दिन और कोई पढ़ाई नहीं! दिन-भर खेलना कूदना और खूब खाते रहना, जिंदगी में और क्या चाहिए? उसने जल्दी से अपनी दीदी…

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चावल का खेत

चावल का खेत

  • April 1, 2016

एक दिन, भानुप्रिया और हिरण्मई अपने घर के पास के खेत में खेलना चाहती थीं। खेत में चावल उग रहा था और वो इस समय पानी से भरा हुआ था। मगर खेत को देख कर भानुप्रिया और हिरण्मई ने कहानियों…

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