मेरी ख़ुशी – २

मेरी ख़ुशी – २

  • July 1, 2016

अभी तक आपने जो पढ़ा उस पर हल्की सी नज़र डाल लेते हैं। ख़ुशी प्रकृति की गोद में पली थी, हमेशा मुस्कुराते-खिलखिलाते रहना ही उसका स्वभाव था। लेकिन जब उसका निकाह हो गया तो वह बहुत दुखी हो गयी, वह…

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मेरी ख़ुशी – १

मेरी ख़ुशी – १

  • June 1, 2016

ख़ुशी…यह लड़की नदियों के साथ खेलती है, पर्वतों के साथ बातें करती है, बादलों के साथ नाचती है, पवन के साथ झूमती है, फूलों के साथ मुस्कुराती है और झरनों के साथ गाती है। कश्मीर की वादियों में अपने जीवन…

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