मैं लक्षित तुली कक्षा छठी जेकी छात्रा अपने शिक्षकगण से प्रोत्साहित होकर अपने विचारों की अभिव्यक्ति इस कविता के माध्यम से प्रस्तुत करने जा रही हूँ। जिसका शीर्षक हैः ­  अच्छे शिक्षक सच्चे मार्ग दर्शक

गुरू का महत्त्व कभी ना होगा कम,

भले करले कितनी भी उन्नति हम।

वैसे तो है इंटरनेट पर हर प्रकार का ज्ञान,

पर अच्छे बुरे की नहीं है उसे पहचान।

शिक्षा शब्द से बनता ‘शिक्षक’,

जो सीख देता हमें पग­पग।

ज्ञान की ज्योति जलाते मन में,

अपने पर करो भरोसा सिखाते हमें।

शिक्षक हमें दिन­रात सुधारे,

यही इच्छा उनकी बन जाएँ हीरे सारे।

इनकी दी हुई शिक्षा हमारा जीवन सँवारे,

जीवन पथ के काँटे बन जाए फूल सारे।

देते हमें हर पल सहारा,

जब तक नहीं मिलता हमें किनारा।

इस योग्य हमें हैं बनते, 

कि अपना लक्ष्य सरलता से हैं पाते।

हमारे जीवन में शिक्षक का होता बहुत बड़ा योगदान है।

करते हम इनका दिल से सम्मान है,

इनको हमारा शत­शत प्रणाम है।

Lakshita Tuli, Hindi poem, 11 to 13 years
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