मेरे जैसा कोई नहीं

मेरे जैसा कोई नहीं

कल से गर्मी की छुट्टियाँ होने वाली थीं। कनिका बहुत उत्साहित थी। उसने इन गर्मी की छुट्टियों में कुछ ख़ास…

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घड़ी

घड़ी

“घड़ी–घड़ी मेरा दिल धड़के...क्यों धड़के...” रेडियो पर लता जी की मधुर आवाज गूंज रही थी और रेडियो को साफ करते…

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Au Revoir

Au revoir

She didn’t have what they had; the money, the riches and the ostentatious bungalows, none of what she could afford…

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मशीनी पकवान

मशीनी पकवान

निहाल और नाम्या स्कूल से घर लौट रहे थे। बस स्टॉप पर आइसक्रीम वाले को देखकर नाम्या का मन ललचा…

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खिलौनेवाली

खिलौनेवाली

मुर्गे की लंबी बांग, चिड़ियों की चहचहाट, ठंडी हवा का झोंका, सभी को निद्रा से उठाने की कोशिश कर रहे…

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कल कभी नहीं आता

कल कभी नहीं आता

अनंमए ने विद्यालय की बस में चढ़ते हुए ही देखा कि गिरीष  आज भी मुंह लटकाए बैठा था। आज उसने…

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