रेलगाड़ी

रेलगाड़ी

  • May 1, 2018

रेलगाड़ी छुक छुक करती जाती, हमको सैर सपाटा करवाती, जगह जगह के नज़ारे दिखाती, बस आगे चलती जाती,बढ़ती जाती। राजस्थान के रेगिस्तान को दिखाती, हिमाचल के पहाड़ों के बीच से जाती, पंजाब,हरियाणा की हरियाली से मिलाती, एक प्रांत को दूसरे…

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बच्चे होते आँखों के तारे

बच्चे होते आँखों के तारे

  • April 1, 2018

छोटे हुये तो क्या हुआ, सबकी आँखों के हैं तारे, दादी, दादी, नाना और नानी के हम सब है दुलारे, खेलकूद में आगे रहते, अच्छे अंक हमेशा ही लाते, अपने को कभी किसी से कम नहीं कह पाते, बातें भी…

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उत्साह के कदम

उत्साह के कदम

  • April 1, 2018

उत्साह के साथ तू काम कर, असफलता से न कभी भी डर, जग में रह कर अपना नाम कर, डटा रह तू अपने पथ पर, उगते सूरज की तरह किरणें बिखेर, अपने तेज से सब को चमका कर, कामयाबी को…

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Embrace The Facts: A Poem

Embrace the facts: a poem

  • April 1, 2018

Is it bad when a black cat crosses your path? Of course not, it is just a myth! Is it bad when someone sneezes before going out? Not at all, it is just a myth! People will tell you a…

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The Career I Chose

The career I chose

  • April 1, 2018

The career I chose The favourite question of any adult in this whole wide world is, So what are you planning for the future? Many get a sudden gush of intense feelings, Being so unsure and give an abrupt answer,…

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Sundays Are Fun Days

Sundays are fun days

  • April 1, 2018

Sundays are Fundays;  Sundays are Happening. Brunch with my family is what I like;  Watching movie together gives me delight.  Off from work and school;  Keeps me very very cool.  Early morning cycling and skating with my Papa;  Dancing session…

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Age Is No Bar: A Poem About Generations

Age is no bar: a poem about generations

  • March 1, 2018

Look after your parents and grandparents as they have so much to share, Unlock the treasure of love that is their hearts, just show them you care. Be with them for a just for a while, And notice their faces…

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बदलता समय

बदलता समय

  • March 1, 2018

समय का पहिया आगे बढ़ता जाये, हमको भी साथ में खींच कर लेता जाये, हर पल कुछ न कुछ बदलाव ले कर आये, दादा-दादी, नाना-नानी कहें मम्मी पापा से, हमारा ज़माना पुराना पर अच्छा था तुम्हारे से, यही बात आगे…

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रंग न होते तो

रंग न होते तो

  • March 1, 2018

ये रंग न होते तो दुनिया कितनी बेरंगी हो जाती, न होते सपने सतरंगी नींद काली सफेद रह जाती, सुन्दर पंखों वाली तितली यह रंग-बिरंगी दुनिया कैसे रंगों पर इठलाती, बिन इन्द्रधनुष बरसात की सुंदरता अधूरी रह जाती, यह रंग-बिरंगी…

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