जो होता है,  भले के लिए होता है

जो होता है, भले के लिए होता है

  • September 1, 2018

वैभव स्कूल से लौटा, तब उसका चेहरा तमतमाया हुआ था।  उसने किसी से कोई बातचीत नहीं की, सीधे अपने कमरे में अनमना सा जाकर लेट गया। रमा ने बहुत कोशिश की, लेकिन उसने कुछ भी नहीं बताया। कुछ भी नहीं…

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Munmun Batak And The Box Of Chanas – Being Modest

Munmun Batak and the box of chanas – being modest

  • September 1, 2018

Through a simple trick, Munmun Batak teaches Lambu Lomdi the importance of being modest.  Once upon a time in Kalpanaland, there lived a wise duck called Munmun Batak. All the creatures came to seek her advice. One day, Munmun Batak…

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The Boy Who Loved To Play Pranks

The boy who loved to play pranks

  • September 1, 2018

Teetu loved to play pranks on his friends. One day, he learns his lesson and promises never to play pranks again. Teetu was a young boy your age. He was very fond of playing pranks on others. Many-a-times, his parents warned…

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दिमाग की पहेली

दिमाग की पहेली

  • September 1, 2018

वार्षिक इंटर-स्कूल प्रतियोगिता में भाग लेते हुए वर्तिका और पलक ने जाना कि दायें और बायें दिमाग की पहेली क्या है।  First published in December 2016 वार्षिक इंटर-स्कूल प्रतियोगिता के तारीखों की घोषणा हो गयी थी। यह वो अवसर था जिसका सभी…

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दिव्य

दिव्य

  • September 1, 2018

स्कूल के बाद जब बच्चे कॉलेज में जाते हैं तो ये किसी चमत्कार से कम नहीं लगता। जैसे बहुत बड़े रंगमंच पर पैर रख रहे हो, बहुत सारे सपने आँखों में होते हैं, बहुत कुछ कर गुजरने की भावना होती…

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Maria’s Mind

Maria’s mind

  • September 1, 2018

Maria is the topper in her class. However, when a new student joins the class she faces a battle of the mind. Our minds are very curious parts of our body. Malleable, permeable, absorbent; they’re like some beautifully complicated form of…

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Inner Beauty

Inner beauty

  • September 1, 2018

Wanting to look beautiful, Reena searches on the internet and goes on a strict diet. When she falls seriously ill does she realise what is really meant by inner beauty. Reena sat sulkily at the dinner table. She was starving.…

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कामयाबी की अभिलाषा

कामयाबी की अभिलाषा

बुलबुल ने सीखा कि कामयाबी की अभिलाषा के साथ-साथ उसे अपनी हार को स्वीकार करना भी आना चाहिए।  First published in March 2017 पिछले साल के खेल दिवस पर तो बुलबुल कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पाई थी किन्तु इस बार…

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मेरे जैसा कोई नहीं

मेरे जैसा कोई नहीं

First published in September 2016 कल से गर्मी की छुट्टियाँ होने वाली थीं। कनिका बहुत उत्साहित थी। उसने इन गर्मी की छुट्टियों में कुछ ख़ास करने की सोच रखी थी। वह जानती थी कि अब वह नाइन्थ क्लास में आ…

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गलती का निवारण

गलती का निवारण

  • September 1, 2018

गलतियाँ सभी से होती हैं, चाहे वो बड़े हों या छोटे। पर गलती का निवारण करना जरूरी है।  First published in April 2017 जानकी मौसी सेवा निवृत्ति के बाद अपने गाँव के घर रहने गई। घर और बाग़ बगीचे की…

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