सिंहासन बत्तीसी – कहानी पुतली पुष्पवती की

सिंहासन बत्तीसी – कहानी पुतली पुष्पवती की

  • August 1, 2017

आठवें दिन प्रात: स्नानादि कार्यों से निवृत होकर राजा भोज पुन: सिंहासन पर बैठने की लालसा मन में लेकर राजभवन पहुँचे। सिंहासन पर आरूढ़ होने के लिए ज्योंही राजा भोज आगे बढ़े, आठवीं पुतली पुष्पवती प्रकट हुई और बोली, “हे…

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Living My Dream

Living my dream

In a small town of Aachipuram near Madurai in district Madurai South Taluka, Tamil Nadu lived a vivacious young boy; Vishnu. Standing tall at five feet seven inches with a round face, black hair sparkling eyes, Vishnu had a sharp…

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आज का बीरबल

आज का बीरबल

  • August 1, 2017

दीपक को कहानियाँ पढ़ने का बहुत शौक था। उसे जब भी वक़्त मिलता वह कोई नयी पुस्तक पढ़ने लगता। उसके परिवारजनों और दोस्तों को उसकी इस रुचि का पता था, इसलिए वे सभी उसे उपहार में ज़्यादातर किताबें ही देते…

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त्यौहार ही त्यौहार

त्यौहार ही त्यौहार

  • August 1, 2017

आदित्य अपने से चार साल छोटी बहन श्वेता को हिंदी में निबन्ध याद करा रहा था। विषय था ‘भारत के त्यौहार’। श्वेता को पढ़ाकर फिर उसे अपना भी थोड़ा सा होमवर्क पूरा करना था। श्वेता बोली, “भैया, हमारे देश में…

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The Boxville Chronicles – Teaching By Example

The Boxville chronicles – Teaching by example

  • August 1, 2017

Monday morning was upon Boxville and the little cartons literally dragged themselves to school. Little did they know that a surprise awaited them there! When Mrs. Folder entered the classroom, she saw dull kids just waiting to go home. With…

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Bullies Are Just Cowards

Bullies are just cowards

  • August 1, 2017

Rohit was tired of being bullied at school and in the playground. School was still better as his teachers kept a sharp lookout for any form of bullying. But he was tired of Gaurav troubling him in the playground day…

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A Bowl Of Water

A bowl of water

  • August 1, 2017

Ajay was playing in the garden and was hopping from one place to another with his toys. He was trying to stay in the shade as the sun was beginning to get angrier and hotter. Soon he realized that there…

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ठहाका खेल

ठहाका खेल

  • August 1, 2017

अनुपमा दीदी के पास छोटे बच्चे पढ़ने आते थे। शाम को दो घंटा पढ़ते थे। पढ़ाई के बाद वो टिफ़िन खोल अपनी पसंद का खाना खाते थे। उसके बाद, एक घंटा खेलने के बाद घर जाते थे। इस नियम को…

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अद्भुद मुहावरे

अद्भुद मुहावरे

  • August 1, 2017

अंकुर आरम्भ में कई वर्ष विदेश रह कर भारत आया था। किसी भी विद्यालय में हिंदी ज्ञान के बिना पढ़ाई संभव नहीं थी। अतः, विशेष तौर पर अंकुर के लिए एक हिंदी अध्यापिका की खोज की गई, जिन्हें उद्देश्य बताया।…

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जादूई जूते – मिशन ४

जादूई जूते – मिशन ४

  • August 1, 2017

सीमाओं पर वायरलैस के माध्यम से की गई रिकॉर्डिंग से अब यह स्पष्ट हो चुका था, दुश्मन हमारे विज्ञान रिसर्च सेंटर – भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर ट्राम्बे मुंबई (महाराष्ट्र) को नष्ट करना चाहते हैं। भारत के इस अनुसंधान केंद्र से…

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