क्या आप एक हास्य किस्सा सुनेंगे? मेरी बेटियों ने मेरा मेकअप करने का सोचा। दिसंबर की गुनगुनी धूप थी। प्रातः काल के कार्य निबटाते-निबटाते तीन बज गए थे। क्रिसमस की बच्चों की छुट्टी थी। लंच का समय भी खिसकता जा…

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हास्य किस्सा – जब मैंने दरवाजा खोला
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