जब भारत के एक भिक्षु ने विश्व की धर्म संसद में “अमेरिका के बहनों और भाइयों” इस सम्बोधन के साथ अपना भाषण प्रारम्भ किया तो न केवल लोगों ने खड़े होकर तालियों के साथ उत्सहपूर्ण स्वागत किया बल्कि उन्होनें विश्व…

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स्वामी विवेकानंद
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