भोर हो गयी अब तो आ जा, अपनी किरणों से जग चमका जा, खिले फूलों से आँगन सजा जा, चिड़ियों की मधुर चहक सुना जा। सूरज निकला, पक्षी जागे, न्यारी छटा में कमल दल फूले, खेत-खलिहान ज़ोर से झूमे, रंग-बिरंगे…

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सूरज
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