न कर कभी तू ऐसी शैतानी, कि किसी के लिए बन जाए वो परेशानी हर दम कर अपनी मनमानी, बन होशियार न कर नादानी नहीं किसी से ज़ुबान है लड़ानी, हर वो काम कर जो है तूने ठानी सबकी कर…

Want to read this? Sign in or subscribe.

      Subscribe

सीख
Average rating of 5 from 1 vote

Loading...