Post Series: सिंहासन बत्तीसी

सिंहासन बत्तीसी के अगले भाग में कीर्तिमाती विक्रमादित्य की उदारता और दयालुता के बारे में बताती है।  अनेक बार निराश होने के बाद राजा भोज पुन: तेरहवें दिन सिंहासन की ओर बढ़े। किन्तु सिंहासन में से प्रकट होकर पुतली कीर्तिमती ने उन्हें…

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सिंहासन बत्तीसी – कहानी पुतली कीर्तिमती की
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