Post Series: सिंहासन बत्तीसी

सिंघासन बत्तीसी के अगले भाग में मदनवती विक्रमादित्य के त्याग और साहस के बारे में बताती है। पंद्रहवें दिन प्रात: राजा भोज मन में चमत्कारी सिंहासन पर बैठने की प्रबल इच्छा लिए राजदरबार में जा पहुंचे और तेजी से सिंहासन…

Want to read this? Sign in or register for free.

      Register for free

सिंहासन बत्तीसी – कहानी पुतली मदनवती की
Rate this post

Loading...