Post Series: सिंहासन बत्तीसी

ग्यारहवें दिन प्रात: उठते ही राजा भोज के मन में फिर चमत्कारी सिंहासन पर बैठने की लालसा बलवती हुई। वे शीघ्र ही राज दरबार में पहुंचे। किन्तु ज्यों ही वे उसकी ओर बढ़े, ग्यारहवी पुतली इंद्रसेना ने प्रकट होकर राजा…

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सिंहासन बत्तीसी – कहानी पुतली इंद्रसेना की
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