Post Series: सिंहासन बत्तीसी

आठवें दिन प्रात: स्नानादि कार्यों से निवृत होकर राजा भोज पुन: सिंहासन पर बैठने की लालसा मन में लेकर राजभवन पहुँचे। सिंहासन पर आरूढ़ होने के लिए ज्योंही राजा भोज आगे बढ़े, आठवीं पुतली पुष्पवती प्रकट हुई और बोली, “हे…

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सिंहासन बत्तीसी – कहानी पुतली पुष्पवती की
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