Post Series: सिंहासन बत्तीसी

सिंहासन बत्तीसी के अगले भाग में राजा विक्रमादित्य की दानवीरता की कहानी सुनिए। अट्ठारहवे दिन राजा भोज पुनः नया उत्साह संजोकर राज-दरबार में पहुंचे। जैसे ही राजा ने सिंहासन की ओर कदम बढ़ाया सिंहासन की अट्ठारहवी पुतली प्रियदर्शनी प्रकट होकर…

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सिंहासन बत्तीसी – कहानी पुतली प्रियदर्शनी की
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