अंजलि अपने घर में सबकी प्यारी थी। होती भी क्यों न। एक तो अपने चाचा-ताऊ के घरों को भी मिलाकर सारे खानदान में अकेली बेटी थी, फिर अपने सभी भाइयों के बीच वही थी जो पढ़ाई में बहुत आगे थी।…

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सच करने हैं सपने
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