मुकुल ने जाना कि किसी के साथ शरारत करने का नतीजा बुरा होता है।


मुकुल बहुत ही शरारती और हमेशा अपने दोस्तों को परेशान करता रहता था। यहाँ तक कि उसके मम्मी-पापा और टीज़र भी उससे परेशान थे। प्रतिदिन कोई न कोई उसकी शिकायत लेकर आ जाता।

एक दिन उसका दोस्त सीढ़ियों के ऊपर खड़ा था। मुकुल ने उसे पीछे से धक्का दिया। उसके दोस्त को काफ़ी चोट आयी। उस कारण वह कई दिनों तक स्कूल नहीं आ पाया।

यह देखकर सभी दोस्तों ने उसे सबक़ देने के लिये एक योजना बनायी।

शरारत करने का नतीजावे सभी मुकुल के पास गये और कहने लगे, “कल छुट्टी है। इसलिये हम लोग कल आम के बाग़ में जायेंगे। अगर तुम्हें चलना है तो हमारे साथ आ सकते हो”।

मुकुल का मनपसंद फल आम है। इस कारण वह झट से जाने के लिये तैयार हो गया।

दूसरे दिन सभी मिलकर आम के बाग़ पहुँच गये। मुकुल वहाँ पर इतने सारे आम देखकर बहुत खुश हो गया। फिर उसे ध्यान ही नहीं रहा कि उसके दोस्त कहाँ है।

योजना के मुताबिक़ धीरे-धीरे करके सभी दोस्त वहाँ से ग़ायब हो गये। मुकुल आमों को इकट्ठा करने में व्यस्त था।

जब दिन छिपने लगा तो उसने इधर-उधर देखा कि दोस्त कहाँ है। उसे वे कहीं नहीं दिखाई दे रहे थे। जैसे ही वह आमों से भरा थैला लेकर चलने लगा उसे एक शेर की दहाड़ सुनाई दी! मुकुल थोड़ा सहम सा गया। पर उसने सोचा यह तो जंगल है, कहीं दूर से आवाज़ आ रही होगी।

तभी हाथी की चिंघाड़, कुत्ते का भौंकना, लोमड़ी के चिल्लाने और शेर की दहाड़ने की आवाज़ें एक साथ आने लगी! वह आवाजें लगातार तेज़ होती जा रही थी।

बस अब क्या था, मुकुल का डर की वजह से बुरा हाल हो गया। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह अब क्या करे?

इतनी ही देर में एक-एक करके सभी जानवर बाहर आ गये। वे और तेज़ आवाज़ें करने लगे। मुकुल उनको देखकर बहुत ज़ोर से भागा। हाथ मे उसके थैला था। वह पास के पत्थर से टकरा कर गिर गया और पूरे आम भी उसके ऊपर गिर गये। मुकुल सोच ही रहा था कि वह अब नहीं बचने वाला, इतनी ही देर में उसके दोस्तों ने जानवरों के पहने हुये कपड़े उतार दिये और ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगे।

Shararat karne ka nateeja

मुकुल को सब समझ आ गया था कि यह सब उसके साथ क्यों हुआ है। मम्मी-पापा और टीज़र से अपने दोस्तों की शिकायत करने पर भी उन्होने यही कहा कि तुम्हारे साथ यही होना चाहिये था। आज शरारती मुकुल अपने आप को अकेला महसूस कर रहा था। यह सब उसके ग़लत व्यवहार के कारण था।

उसने बाद में अपनी शरारतों के लिये सबसे माफ़ी माँगी एवं शरारत करना भी छोड़ दी। अब वह समझदार मुकुल सभी का प्रिय बन गया।

शब्दार्थ:

  • सहम – डर

नैतिक मूल्य:

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