शतरंज की मुहरें होंगी और चलें अपनी अपनी,

काले सफ़ेद दो रंगो से बना है खेल ये दिमाग़ी,

राजा, रानी के बने साथी ऊँट, घोड़ा और हाथी,

उनके आगे खड़े है सैनिक अपना सीना ताने,

कोई चले आड़ा, तिरछा या जाता आगे पीछे,

चलें चलता जाता मोहरा और निशाना होता राजा,

शय-मात के चक्कर से सब राजा को है बचाते,

Shatranjइसी बात का ध्यान रखकर बस आगे खेलते जाते,

इस जीत-हार के खेल को और रोचक है बनाते,

तभी विश्वनाथ आनंद जैसे खिलाड़ी प्रसिद्धि पाते,

और अपने देश का झण्डा विदेशों में भी लहराते,

भारत का यह प्राचीन खेल लोगों का मन बहलाये,

इसलिये इसकी मुहरें दूसरे देशों में चलती नज़र आये।

शतरंज
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