रेनू की माँ ने अंधविश्वासों को सत्य से दूर किया।  “माँ! माँ, जल्दी आओ, चांदनी मर गयी! माँ….”, रेनू की रुआंसी आवाज घर में गूँज रही थी, और माँ शारदा चुपचाप बैठी थी। “माँ आप चलो न”, रेनू ने उसे…

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विस्मरणीय सत्य
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