एक लालची चूहे ने मक्का से भरी टोकरी को देखा। वह उस मक्के को खाना चाहता था। इसलिए उसने उस टोकरी में एक छोटा सा छेद कर दिया और वह उस छेद से मक्का खाता हुआ टोकरी के अंदर चला गया। उसने पेट भर मक्का खाया और वह बहुत खुश हो गया।

अब वह बाहर आना चाहता था। उसने उसी छोटे से छेद से जब बाहर आने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं आ पाया। उसका पेट भर गया था और वो मोटा हो गया था। उसने फिर से कोशिश की लेकिन वह बाहर नहीं आ पाया।

फिर चूहा रोने लगा। तभी एक खरगोश उसके पास से गुज़र रहा था। उसने चूहे का रोना सुना और पूछा, “मेरे दोस्त तुम क्यों रो रहे हो?”

चूहे ने उसे सब समझाया, “मैं एक छोटा सा छेद बनाकर टोकरी के अंदर तो आ गया। लेकिन अब मुझे लगता है कि उसी छेद से मै बाहर नहीं निकल पा रहा हूँ”। 

खरगोश ने कहा, “तुमने बहुत ज्यादा मक्का खा लिया है। इसलिए तुम्हारा पेट मोटा हो गया है। अब अपने पेट के  सिकुड़ने तक तुम्हे टोकरी में ही रुकना पड़ेगा।” और खरगोश  हँसकर दूर चला गया।

लालची चूहा टोकरी में ही सो गया। सुबह जब उसका पेट सिकुड़ गया तब वह टोकरी से बाहर निकल सकता था। लेकिन चूहा थोड़ा और मक्का खाने के लिए रुक गया। फिर से उसने बहुत सारा मक्का खा लिया। उसका पेट एक बार फिर से मोटा हो गया। उसने सोचा “ओह! अब मुझे कल ही बाहर जाना होगा”।

तभी वहाँ से एक बिल्ली जा रही थी। उसे टोकरी मे से चूहे की खुशबु आयी। उसने टोकरी का ढक्कन उठाया और देखा की वहाँ एक मोटे पेट वाला चूहा है। उसने चूहे को खा लिया। 

इसका मतलब ज़्यादा लालच की वजह से किसी की जान भी जा सकती है।

शब्द-अर्थ

  • लालची – लोभी
  • सिकुड़ने – छोटा होना

 

Background music: Sunset (Kai Engel) / CC BY 4.0

लालची चूहा
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