दशहरे की छुट्टियाँ थीं। मौसम भी खुशनुमा हो चला था। सोसाइटी के बच्चे बैट बॉल लेकर मैदान में निकल आये थे। खेलकर जब वापिस लौटने का वक्त आया तो बच्चों की आपस में कुछ ऐसी तू तू – मैं मैं…

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रावण
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