जब राजेश को आतंकवादियों ने बंदी बना लिया, उसने अपनी होशियारी से अपने माता-पिता को खबर करी।  यह है उसके सूझ-बूझ की कहानी।  घुप्प अँधेरी काली रात, सांय-सांय करती बर्फीली हवा और शरीर को बर्फ सा जमा देने वाली कश्मीर की भयानक ठंड।…

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राजेश की सूझ-बूझ की कहानी
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