पूरी सर्दी बीत गयी, इसका इंतज़ार करते करते, मुँह में पानी आ गया, पेड़ों पर लगे बौर देखकर, हरे-हरे छोटे आमों ने कर दिया है अब और बैचेन, एक एक दिन निकल रहा है ताज़ा खाने को आम। पीले रसीले…

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रसीला आम
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