मैं चुलबुली,चंचल,मतवाली,मनचली सी मत बाँधो मुझे,मत बाँधो मुझे इन दुनिया के बंधनों मे, मैं जी न सकूँगी,मैं जी न सकूँगी खुले आसमान की आदत है मुझे, अपनी तरह जीने का तरीक़ा है भरोसा करो मुझ पर,कुछ ग़लत नहीं करूँगी, मत…

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मैं मतवाली चुलबुली चंचल
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