जंगल में झील किनारे, रहता था मेंढक एक एक दिन पत्थर पे लेटे, धूप रहा था सेक दिन की सुनहरी धूप में, सपने रहा था बुन कभी किसी से उसने, ये कहानी रखी थी सुन एक था मेंढक और एक…

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मेंढक का सपना
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