एक छोटे से कमरे में बैठकर निष्पाप कुछ लिखने में तल्लीन है। तभी एक वृद्ध ने भीतर आकर कहा, “बेटा, तेरी दादी को बुखार चढ़ा है, ज़रा चल तो।” लेखनी वहीं रखकर वह तुरन्त खड़ा हो गया और अपनी बस्ती…

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मुझे पश्चात्ताप नहीं होगा
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