कबीर को मुंगेरीलाल की तरह हसीन सपने देखने का शौक था। वह बुद्धिमान था, पर आलसी भी। कबीर को दिवास्वप्न देखने की बचपन से आदत थी। रात में तो सभी सपने देखते हैं, या कहो रात में सबकी नींद में सपने…

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मुंगेरीलाल लाल रंग
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