पलक और नीलू दोनों बहुत अच्छी सहेलियाँ थीं। दोनों की रुचियाँ और आदतें एक समान थीं। दोनों खूब पढ़ती, हँसती, खेलती और घूमने के लिए घर के पास वाले बाग में निकल जातीं। उनको पशु–पक्षियों और पेड़–पौधों से बहुत लगाव…

Want to read this? Sign in or register for free.

      Register for free

मन चाहा उपहार
Average rating of 4.8 from 4 votes

Loading...