ईशा अपने मामाजी के घर छुट्टियाँ बिताने आई थी। वो भारतीय सेना की अनोखी ज़िंदगी देखकर प्रेरित हुई। ‘रेलगाड़ी की सीटी की आवाज़ से ईशा की तंद्रा भंग हुई। वह खिड़की से बाहर देखते हुए हरे-भरे पेड़ों और दूर तक…

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भारतीय सेना की अनोखी तहज़ीब
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