चले बंदर-बंदरिया नाच दिखाने, झट से बंदर बना दूल्हा, सिर पर बाँधा उसने सेहरा, बंदरिया को बनना पड़ा दुल्हनिया। घुँघरू पहनकर, उसने ठुमका लगाया, बड़ी ऐंठ दिखाकर, बंदर ने रौब जमाया, डमरू बजाकर, बंदरिया को नचाया। नाच-नाच कर जब थक…

Want to read this? Sign in or subscribe.

      Subscribe

बंदर
Rate this post

Loading...