सत्य की जीत सदा होती, असत्य कभी भी मत बोलो। सत्य वचन ही मुख से निकले, जब भी अपना मुख खोलो। सत्यमेव जयते का अर्थ यही, अपने जीवन में इसे साकार करो॥ आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ो, सबका तुम सम्मान करो। अपनी सफलता पर गर्व करो, पर इसका ना अभिमान करो॥ सेवा परमो धर्म:, इसका तुम अनुसरण करो। निर्बल की सेवा कर, उनको भी तनिक सबल करो॥ स्वस्थ तन और प्रसन्न मन हो, अपने वातावरण को स्वच्छ रखो। स्वच्छता दूर करेगी महामारी, बढ़ते प्रदूषण को ख़त्म करो॥ देश दुनिया में बनी रहे शांति, हर पल ये प्रयास करो। शांत ह्रदय से ख़ुश रहकर। अपने कर्तव्य का पालन करो॥ इस लेखक की और रचनाएँ पढ़िये…

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पाँच नैतिक मूल्य
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