आज छुट्टी का दिन है। मालिनी सुभद्रा से नजरें चुराते इधर उधर छिपती फिर रही है। सुभद्रा आज जरूर उसे पकड़ कर पूछताछ करेगी।  इसलिए अपनी किताबें लेकर वह चुपचाप पढ़ने बैठ गई। लेकिन जिसका डर था, वही हुआ। सुभद्रा…

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पर हित सरिस धरम नहीं कोय
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