कल सपने में वह मेरे आयी, जब उसने अपनी छड़ी घुमायी, चारों तरफ ख़ुशहाली सी छायी, दुनिया बदली-बदली सी लग आयी, अब न आपस में कोई द्वेष और न झगड़ा, और न ही जाति-पाँति का भेद है दिखता, हर तरफ…

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परी की छड़ी
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