नन्ही सी एक गुड़िया रानी कल तक गोद लिए थीं नानी सुनती थी नित नयी कहानी हो गयी है अब बहुत सयानी पढ़-लिखकर बन गयी है ज्ञानी उसे याद हर बात जबानी करके छोड़े जो मन में ठानी न जानो…

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नन्ही गुड़िया
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