वार्षिक परीक्षा समाप्त होते ही शौर्य अपने दादाजी के साथ गाँव रवाना हुआ। गर्मी के बावजूद उसका तन – मन प्रफुल्लित था। कारण, गांव में पढ़ाई लिखाई से मुक्त होकर वह अपने चचेरे भाइयों और दोस्तों के साथ जी भरकर…

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नई सुबह
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