Post Series: दादी माँ का बचपन

दोपहर का समय था। सम्पदा टीवी देख रही थी। तभी बहुत जोर से आँधी आई। मम्मी ने लिविंग रूम की खिड़की बंद करते हुए सम्पदा को आवाज़ दी “सम्पदा! खिड़कियाँ चैक करो, किसी कमरे की खुली न रह जायें।” तेज़…

Want to read this? Sign in or register for free.

      Register for free

दादी माँ का बचपन (भाग-१)
Average rating of 3.8 from 4 votes

Loading...