विहान बड़े मज़ेदार बालक थे। वो ‘तर्क-विद्या’ का प्रयोग करने में दिलचस्पी रखते थे। ४ साल के होते ही उन्हें नई चीज़ों में दिलचस्पी होने लगी। वो सभी दोस्तों के घर खेलने जाते। वहाँ नए खिलौने देखते। जो भी पसंद आता…

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तर्क का प्रयोग
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