“हैलो, तन्मय?” राजन ने फोन मिलाकर कहा। “हाँ, तन्मय बोल रहा हूँ। कौन बोल रहा है?” “मैं, राजन! आज क्या पढ़ाई हुई स्कूल में?” “अरे राजन! तुम स्कूल क्यों नहीं आये आज? तबियत तो ठीक है?”, तन्मय ने पहचानते ही…

Want to read this? Sign in or register for free.

      Register for free

तन्मय का रहस्य
Rate this post

Loading...