राधिका को नौकरी करते हुए चार साल हो गए थे। विद्यालय के बाद महाविद्यालय का अलग तज़ुर्बा रहा। लेकिन नौकरी करने के साथ, कार्य-कर्मचारी सहयोगी बॉस आदि के साथ-साथ दोस्ती, शादियों, पारिवारिक सम्बन्धी, अनेक अद्भुद तज़ुर्बे हो रहे थे। नई-नई…

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झटके ने फोड़ा चिंता – बोझ का मटका
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