वैभव स्कूल से लौटा, तब उसका चेहरा तमतमाया हुआ था।  उसने किसी से कोई बातचीत नहीं की, सीधे अपने कमरे में अनमना सा जाकर लेट गया। रमा ने बहुत कोशिश की, लेकिन उसने कुछ भी नहीं बताया। कुछ भी नहीं…

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जो होता है, भले के लिए होता है
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