डाजीगाँव में सभी तरह की जातियाँ रहती थी। वहाँ के लोग कुछ ज़्यादा ही संकीर्ण विचारों के थे, जातियों में उँचे और नीचे की भावना इतनी थी कि अगर कोई नीची जाति का व्यक्ति उच्च जाति के सामने आ जाता…

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जाति-पाँति के बंधन
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