First published in February 2016

करन चौथी कक्षा में पढ़ने वाला एक बच्चा था। एक दिन वह अपनी कक्षा में पहुंचा तो उसने देखा की उसकी अध्यापिका सुजाता मैम सब बच्चों को चॉकलेट्स बाँट रहीं थीं। आज मैम का जन्मदिन था। मैम ने करन को भी चॉकलेट दी। करन ने उन्हे जन्मदिन की बधाई दी और धन्यवाद भी कहा।

इसके बाद मैम ने पढ़ाना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद कक्षा का समय समाप्त हो गया। मैम ने अपनी किताबें उठाईं और बाहर चली गईं। तभी करन की नज़र मेज पर पड़ी और उसने देखा की मैम अपना पर्स कक्षा में ही भूल गईं हैं। उसने अपने दोस्त पारस को कहा, “देख मैम अपना पर्स तो यहीं भूल गईं। मैं अभी उन्हें देकर आता हूँ।”

अभी करन स्टाफ रूम की ओर बढ़ा ही था कि उसे याद आया कि मैम के पर्स में सबको देने के बाद भी कुछ चॉकलेट्स बची थीं। उसने पर्स खोल के देखा तो वाकई उसमें चॉकलेट्स थीं। इतनी सारी चॉकलेट्स देख के उसका मन चल गया और उसने सोचा, “अगर मैं एक चॉकलेट निकाल लूँ तो…”

Chocolates

“पर चोरी करना तो गलत बात है।” उसके मन में आया।

“लेकिन मै कोई पैसे थोड़ी ना चुरा रहा हूँ। ये तो बस एक छोटी सी चॉकलेट है। मैम वैसे भी इतनी सारी चॉकलेट्स अकेले थोड़ी खाएँगी।”

और आखिरकार ये सोचकर करन ने एक चॉकलेट अपनी जेब में डाल ही ली। फिर वह स्टाफ रूम में आ गया।

“अरे! मैं पर्स छोढ़ आयी थी? कितने अच्छे बच्चे हो तुम! धन्यवाद।” ये कहकर मैम ने प्यार से उसके सर पर हाथ फेरा।

करन ने धीरे से धन्यवाद कहा और वापिस जाने लगा। तभी मैम ने उसे आवाज़ दी।
करन डर गया और उसने सोचा, “मैम को पता चल गया। अब मैम मुझे बहुत डाँटेंगी।”

पर जैसे ही वह पीछे मुड़ा, उसने देखा मैम के हाथ में एक चॉकलेट थी। उन्होनें चॉकलेट करन के हाथ में दी और बोलीं, “ये तुम्हारे अच्छे काम के लिए। शाबाश!”

अब करन की आँखों में आँसू आ गए। मैम ने घबरा कर पूछा, “क्या हुआ करन? तुम रो क्यों रहे हो?”

करन रोते रोते बोला, “मैम, मुझे माफ कर दीजिये। मैं अच्छा बच्चा नहीं हूँ। मैंने बिना पूछे आपके पर्स में से एक चॉकलेट ले ली थी। आय एम सॉरी मैम।” इसके साथ ही करन ने अपनी जेब से चॉकलेट निकाल कर मैम को दे दी।

मैम का चेहरा एकदम से गंभीर हो गया और वे बोलीं, “करन, किसी से बिना पूछे उसका सामान लेना बहुत गलत बात है।”

करन ने रोते रोते जवाब दिया, “मैम, आय एम सॉरी। मैं आगे से कभी ऐसा नहीं करूँगा।”
मैम ने उसके सर पर हाथ फेरते हुए कहा, “मुझे पता है तुम आगे से ऐसा नहीं करोगे। तुमने अपने आप सच कहकर ये साबित कर दिया है।”
फिर मैम ने चॉकलेट उसके हाथ में पकड़ायी और बोलीं, “ये चॉकलेट तुम अपने पास ही रखो। ये तुम्हारे सच बोलने का ईनाम है। बस याद रखना, अगर तुम्हें किसी की कोई वस्तु अच्छी लगे तो उससे पूछ कर और उसके हाँ करने पर ही लेना। ठीक है?”

“जी मैम।” करन ने चुप होते हुए कहा और वापिस अपनी कक्षा की ओर जाने के लिए मुड़ गया। आज उसने एक नया पाठ सीखा था- अगर हम सच बोलें तो न सिर्फ लोग हमसे खुश होते हैं बल्कि हम भी खुश रहते हैं क्योंकि हमें किसी बात का डर नहीं लगता।

शब्दार्थ

  • आखिरकार – अंत में
  • गंभीर – चिंतित करने वाला

अंग्रेज़ी में पढे

चॉकलेट्स
Average rating of 5 from 1 vote

Leave a Reply

Loading...