अंकित के घर के सामने एक कारख़ाना है। शाम को पाँच बजे तेज आवाज में सायरन बजता और देखते ही देखते सैकड़ों व्यक्तियों का जन सैलाब उमड़ पड़ता। सब थके–हारे से दिखाई देते। अक्सर वे सब पास में लगने वाली…

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गुदड़ी के लाल
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