मेरी भी क्या अजीब आदत है। जब भी कभी बौक्स खोलती हूँ तो नानी माँ का दिया बटुआ जरूर टटोल लेती हूँ। उसमें उन की दी हुई कुछ मुहरें हैं, गिन्नी भी हैं, देश –विदेश के सिक्के भी हैं, चांदी…

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खोटा सिक्का
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