कुहू कुहू कर गाती फिरती ढूँढो तो भी नज़र न आती रंग से तो कोयल है काली बोली इसकी बड़ी निराली क्यों हम सबसे है छुपती दिखती क्यों नहीं दाना चुगती कैसी अजब चिड़िया मतवाली करती न अंडों की रखवाली…

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कोयल
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