बिस्तर पर जाने का समय हो गया था। “कितना व्यर्थ दिन निकला”। मैंने मन ही मन सोचा और अपनी डायरी में लिखना शुरू कर दिया। आज सुबह मैं अन्य दिनों की अपेक्षा जल्दी जाग गया था। इस बात से मैं…

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कितना सुन्दर दिन
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