वृद्धावस्था और मोतियाबिंद से धुँधलाई आँखों में जब निराशा उतर आई तो झिलमिलाते आँसुओं ने दृष्टि को और भी धुंधला बना दिया। जब दृष्टि धुँधला गई तो मस्तिष्क सक्रिय हो गया, क्योंकि हृदय का पलड़ा हल्का हो गया। क्यों करती…

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