“आज क्या लिखा मॉम?” आख्या स्कूल बैग एक ओर रखते हुए बोली। “अच्छा, क्या रोज़ नयी कहानी लिखी जाती है बेटा”, मैंने दाल में छौंक लगाते हुए कहा। “हाँ, जिस दिन आप मुझे कुछ नया नहीं सुनातीं, उस दिन मेरा…

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