बूढ़े पेड़ भी जीव-जंतुओं को सहारा प्रदान करते हैं। एक मनुष्य ही है, जो उनकी कद्र नहीं करता। इसके अतिरिक्त हममें से बहुत लोग अपने समय को याद करके गर्व का अनुभव करते हैं (जब हम युवा, जीवंत एवं चंचल…

Want to read this? Sign in or subscribe.

      Subscribe

उजड़ी बहारें – एक बूढ़े पेड़ की ज़बानी
Rate this post

Loading...